Dehradun Entertainment Haridwar Slider Uttarakhand

कॉर्बेट नेशनल पार्क सहित राज्य सभी पार्क 31 मार्च तक बंद, तो क्या पर्यटकों की बुकिंग के रुपये होंगे रिफंड ? जाने 

Spread the love

* अब सभी वन्य जीव पर्यटक स्थलों और पार्को पर भी 31 मार्च तक के लिए ताले डाल दिये गये हंै।

(ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )

( न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान ,की तरफ से जनहित में जारी )

देहरादून। कोरोना वायरस को लेकर सतर्कता बरते हुए जिम कॉर्बेट नेशनल पार्क आगामी 31 मार्च तक बंद कर दिया गया है। मंगवलार को इसके आदेश जारी किए गए। वहीं अब राजाजी टाइगर रिजर्व पार्क को बंद करने के आदेश भी जारी हो सकते हैं।हालांकि कॉर्बेट की ओर से विदेशी पर्यटकों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जा रहा था। वहीं डीएम नैनीताल और पौड़ी जिले से लगातार संपर्क में थे। क्योंकि यहां विदेशी पर्यटकों का आगमन को लेकर ज्यादा सतर्कता बरतने की जरुरत थी। कॉर्बेट प्रशासन की ओर से चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन को पत्र भेजा गया था, जिसमे कॉर्बेट पार्क को बंद करने की सिफारिश की गई थी। चीफ वाइल्ड लाइफ वॉर्डन ने संस्तुति करते हुए कॉर्बेट पार्क को 18 मार्च से 31 मार्च तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। सीटीआर निदेशक राहुल ने बताया इस दौरान जिन पर्यटकों की बुकिंग हो गई थी, उनके रुपये रिफंड होंगे।

सूबे के सभी पार्को पर ताले 

कोरोना के बढ़ते खतरे के मद्देनजर उत्तराखण्ड शासन और प्रशासन द्वारा भारी सर्तकता बरती जा रही है। सूबे के सभी स्कूल कालेज, सिनेमाघरों, जिम, क्लब और स्वीमिंग पुल बंद किये जाने के बाद अब सभी वन्य जीव पर्यटक स्थलों और पार्को पर भी 31 मार्च तक के लिए ताले डाल दिये गये हंै।
इस आशय की जानकारी राज्य के मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक राजीव भरतरी द्वारा दी गयी है। उन्हांेने कहा है कि राज्य में बढ़ते कोरोना के खतरे के मद्देनजर सुरक्षा की दृष्टि से यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया है कि कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्को सहित सूबे के सभी वन्यजीव पार्को को पर्यटकों के लिए फिलहाल बंद कर दिया गया है।

कार्बेट और राजाजी नेशनल पार्क में सबसे ज्यादा पर्यटक इन दिनों घूमने के लिए आते है जिसमें विदेशी पर्यटकों की भी बड़ी संख्या होती है। उन्होने बताया कि अब तक  पार्क प्रशासन द्वारा पर्यटकों के सैनिटाइजर करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही थी तथा स्वास्थ्य जांच के बाद ही उन्हे प्रवेश दिया जा रहा था लेकिन इसके बाद भी खतरे को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता था। कोरोना को महामारी घोषित किये जाने के बाद हर स्तर पर सावधानियंा बरती जा रही है। लोगों की भीड़ को नियंत्रण करने के लिए जू और चिड़ियाघरों को पहले ही बंद किया जा चुका है। उनका कहना है कि वन्य जीव विविधता को देखने के लिए उत्तराखण्ड के राष्ट्रीय पार्को, उद्यानों के साथ दून व नैनीताल के चिड़िया घरों में बड़ी तादात में लोग आते है। इसलिए ऐसे समय में जब हर स्तर पर भारी सर्तकता बरती जा रही है इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है। राज्य सरकार द्वारा लोगों से अपील की गयी है कि वह भीड़ भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचे तथा किसी भी स्थिति में घबराने की जरूरत नहंीं है। मुख्यमंत्री ने लोगों से सतर्कता बरतने की अपील की है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *