Haridwar Kumbh mela 2021 Slider Uttarakhand

अर्ध सैनिक बलों के कुम्भ मेला सम्बंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण में आईजी कुम्भ ने बताया भीड़ नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में आखिर क्या अंतर होता है ? टैब कर जाने 

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( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )

हरिद्वार। सशस्त्र प्रशिक्षण केंद्र हरिद्वार में अर्ध सैनिक बलों के कुम्भ मेला सम्बंधित व्यवहारिक प्रशिक्षण के 5वें बैच का समापन हुआ। 5वें सत्र का समापन संजय गुंज्याल पुलिस महानिरीक्षक कुम्भ मेला 2021 हरिद्वार द्वारा अपने उद्बोधन से किया गया। इस सत्र में NSG के 54 एवं BSF के 94 अधिकारी/जवानों द्वारा भाग लिया गया। अभी तक संम्पन हुए 05 प्रशिक्षण सत्रों में अर्द्धसैनिक बलों की 10 कम्पनियों और NSG के 54 अधिकारी/जवानों को प्रशिक्षित किया जा चुका है।
 गुंज्याल द्वारा उपस्थित अर्द्धसैनिक बलों एवम NSG के अधिकारी कर्मचारीगण को अपने अनुभव के आधार पर भीड़ नियंत्रण और भीड़ प्रबंधन में अंतर बताया। आईजी कुम्भ द्वारा बताया गया कि दंगों आदि में भीड़ नियंत्रण (Crowd Control) किया जाता है और मेलों आदि में भीड़ का प्रबंधन (Crowd Management) किया जाता है।


कुम्भ मेला ड्यूटी में लगे प्रत्येक आदमी को अपने-अपने ड्यूटी स्थल पर भीड़ का प्रबंधन इस प्रकार से करना है कि आपके ड्यूटी पॉइंट पर भीड़ का सहजता से आवागमन होता रहे, भीड़ का दबाव कम रहे और आगे भी कहीं भीड़ का दबाव न बनने पाए। स्नान बड़ा हो या छोटा कभी भी ढिलाई या लापरवाही नही बरतनी चाहिए। क्योंकि ये निश्चित नही है कि भगदड़ हमेशा ज्यादा भीड़ में होगी। भगदड़ कम से कम भीड़ में भी हो सकती है।
आईजी कुम्भ द्वारा विगत समय मे हुई आतंकी घटनाओं का हवाला देते हुए बताया कि प्रत्येक जवान अपने ड्यूटी स्थल के अलावा उसके आस-पास के क्षेत्र के बारे में भी हमेशा सतर्क रहे। कुम्भ पर पूरी दुनिया की नजरें रहती है, इसलिए यहां घटित होने वाली छोटी से छोटी घटना भी देश दुनिया तक छा जाती है।


इसके पश्चात आईजी कुम्भ द्वारा कुम्भ के प्रति लोगों की आस्था के भाव को समझाते हुए बताया गया कि कुम्भ आस्था और भक्ति का सैलाब है, जिसमें करोडों लोग बिना आमंत्रण के भी निश्चित समय और ग्रह नक्षत्रों की दशा के अनुसार भीड़ के रूप में उमड़ आएंगे। इस आस्था रूपी समुन्दर को संभालने में हर किसी का अपना अपना और महत्वपूर्ण रोल है। इसलिए सभी को एक टीम के रूप में सम्मिलित प्रयासों से कुम्भ मेला ड्यूटी को सकुशल सम्पन्न कराना है।
भविष्य में अर्धसैनिक बलों को एरिया फेमिलिराइजेसन के तहत कुम्भ मेला क्षेत्र के महत्वपूर्ण स्थानों का भृमण कराया जाना भी प्रस्तावित है। उक्त समापन सत्र में सुरजीत सिंह पंवार अपर पुलिस अधीक्षक एवं श्री प्रबोध घिल्डियाल पुलिस उपाधीक्षक कुम्भ मेला भी उपस्थित रहे।

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