( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान / एजेंसी)
तेहरान। ईरान को धमकी देते हुए ट्रंप ने कहा था कि ‘आज रात एक सभ्यता की मौत होने वाली है और वो कभी लौट नहीं आ सकेगी’। ट्रंप ने ईरानी सभ्यता ही खत्म करने की ठान ली थी लेकिन अटैक से कुछ घंटों पहले ही ईरान ने ऐसी चाल चली कि ट्रंप भौंचक्के रह गए। ईरान की चाल से ईरान इस तरह खीज गए कि मीडिया के सामने आकर बोल पड़े ‘ये बेईमानी है’। जहां ट्रंप ने ईरान पर अटैक करने की तैयारी कर ली थी, वहीं दूसरी तरफ पाकिस्तान अमेरिका के आगे गिड़गिड़ा रहा था। कुछ घंटों की बातचीत के बाद ट्रंप ने ये प्रपोजल एक्सेप्ट कर लिया है और ईरान के साथ सीजफायर 2 हफ्तों तक के लिए बढ़ा दिया है।
इस्लामाबाद ने US और ईरान दोनों को एक पीस प्रपोजल भेजा था, जिसमें 2 हफ्तों की मोहलत मांगी गई थी। ईरान और ट्रंप दोनों ने सीजफायर बढ़ाते हुए तय किया है कि 10 सूत्रीय प्रपोजल को आधार रखते हुए पीस टॉक आगे बढ़ाई जाएगी।
ईरान का ‘ह्यूमन शील्ड’ वाला खतरनाक दांव
ट्रंप के सीजफायर को राजी होने से पहले ईरान पर अमेरिकी हमले का खतरा मंडरा रहा था। इससे बचने के लिए तेहरान ने एक ऐसी चाल चली थी जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने ‘सरासर बेईमानी’ करार दिया था। खबरों के मुताबिक, ईरान ने अपने पावर प्लांट्स और अहम ठिकानों के चारों ओर युवाओं को तैनात कर दिया है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में साफ कहा कि ईरान का युवाओं को ‘ह्यूमन शील्ड’ की तरह इस्तेमाल करना पूरी तरह से गैरकानूनी और गलत है। ईरान को लगता है कि इंसानी ढाल के सामने अमेरिका अपने कदम पीछे खींच लेगा, लेकिन ट्रंप के तेवर कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं।
ट्रंप की चुप्पी और ‘हीटेड’ बातचीत
शुरुआत में जह पाकिस्तान के इस प्रस्ताव पर जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सवाल किया गया था तो उन्होंने बहुत ही सधे हुए अंदाज में जवाब दिया था। ट्रंप ने कहा था कि वे अभी इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते क्योंकि इस समय बातचीत बहुत ही ‘गरमा-गरम’ दौर में है।
इजरायल भी सीजफायर को माना, इस्लामाबाद में होगी वार्ता
ईरान-अमेरिका युद्ध: युद्धविराम को लेकर आ रही रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने भी अस्थायी युद्धविराम के लिए सहमति दे दी है। बताया जा रहा है कि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की शर्तें मान ली हैं ताकि युद्ध खत्म किया जा सके। ईरान ने पाकिस्तान के दो हफ्ते के सीजफायर प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है, जिसे उसके सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई की मंजूरी भी मिल गई है। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के समझौते पर पहली बातचीत शुक्रवार को इस्लामाबाद में होने वाली है।
अमेरिका के इशारों पर चल रहा पाकिस्तान, X पोस्ट ने खोली पोल
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर किए गए एक पोस्ट ने वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है, क्योंकि इसके शुरुआती ‘ड्राफ्ट’ वर्जन ने संदेश के स्क्रिप्टेड होने के आरोप लगा दिए हैं। दरअसल, शरीफ ने डोनाल्ड ट्रंप से ईरान पर डेडलाइन बढ़ाने की अपील की थी, लेकिन पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में “Draft – Pakistan’s PM Message on X” लिखा रह गया, जिसे बाद में हटाया गया. इस चूक ने नेटिज़न्स और आलोचकों को यह दावा करने का मौका दे दिया है कि यह संदेश संभवतः व्हाइट हाउस या किसी बाहरी शक्ति द्वारा तैयार किया गया था और शरीफ ने इसे केवल फॉरवर्ड किया है। “Pakistan’s PM” जैसे तीसरे व्यक्ति के संबोधन ने शक को और पुख्ता कर दिया है कि क्या पाकिस्तान की सरकार किसी बाहरी दबाव या निर्देश के तहत काम कर रही है, जिससे इस महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल की विश्वसनीयता पर गंभीर सवालिया निशान लग गए हैं।





