( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
हरिद्वार। हर की पैड़ी की पवित्र धरा, जहां हर पल आस्था का सैलाब उमड़ता है, वहीं कुछ कदम दूर एक ऐसी झोपड़ी खड़ी थी जिस पर शायद ही किसी की नजर गई हो। बाहर से साधारण दिखने वाली इस झोपड़ी के भीतर ऐसा क्या छिपा था, जिसने मौके पर पहुंचे अधिकारियों तक को चौंका दिया। यहां संदूक के अंदर रखी चीजें सिर्फ सामान नहीं थीं, बल्कि कई सवाल खड़े कर रही थीं। आखिर ये सब यहां कैसे पहुंचा और इतने समय तक किसी को भनक क्यों नहीं लगी? जैसे-जैसे परतें खुलीं, मामला और भी उलझता चला गया। आखिर पूरा माजरा क्या है, आइये जानते हैं…
हर की पैड़ी से चंद कदम दूर आस्था के इस केंद्र के पास एक कच्ची झोपड़ी लंबे समय से खड़ी थी। राहगीरों के लिए यह बस एक सामान्य ठिकाना थी, लेकिन जब नगर निगम की टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची, तो यहां से जो संकेत मिले, उन्होंने पूरे प्रशासन को चौकन्ना कर दिया। रोड़ी बेलवाला क्षेत्र की इस झोपड़ी के अंदर रखे एक संदूक ने सबसे पहले शक पैदा किया। जब इसे खोला गया तो सामने जो आया, उसने मौके पर मौजूद अधिकारियों को भी हैरान कर दिया। सूचना मिलते ही उत्तराखंड आबकारी विभाग की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि इस साधारण सी दिखने वाली झोपड़ी के भीतर बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधि संचालित हो रही थी। देसी और अंग्रेजी शराब का ऐसा जखीरा यहां छिपाकर रखा गया था, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। बताया जा रहा है कि भूरे नाम का व्यक्ति इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहा था और यहीं से शराब की बिक्री और खपत का इंतजाम करता था।





