( ज्ञान प्रकाश पाण्डेय )
हरिद्वार। माघ मकर संक्रांति स्नान पर्व की शुरआत घने कोहरे और भयंकर ठंड के बीच हुई। बड़ी संख्या में श्रद्धालु स्नान के लिए पहुंचे। ढोल और दमाऊं की थाप के बीच देव डोलियों को लाया गया। और गंगा में स्नान कराया गया। श्रद्धाल हर की पैड़ी सहित तमाम गंगा घाट पर पहुंचे। भीषण ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं दिखा। तड़के से गंगा के सभी घाटों पर लोग स्नान दान और पूजा करते देखे गए। गंगा घाट पर आरती की गई ।
23 वर्ष में बना संक्रांति और एकादशी का शुभदायी संयोग




सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आना और एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश करना ही मकर संक्रांति कहलाता है। इस वर्ष संक्रांति और एकादशी का शुभ फलदायी संयोग बन रहा है। इस विशेष मुहूर्त में स्नान को उत्तम बताते हुए ज्योतिषविद महात्म्य बता रहे हैं।
हरिद्वार स्थित नारायणी शिला के मुख्य सेवक और ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी ने बताया कि आज बुधवार को दोपहर 3 बजकर 7 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेंगे।उत्तरायण काल को शास्त्रों में शुभ माना गया है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, सूर्य को अर्घ्य देना और दान करना विशेष फलदायी होता है। सुबह स्नान कर भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश की पूजा करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य देना विशेष फलदायी रहेगा।
सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा
इस दिन सुबह 7 बजकर 31 मिनट बजे से रात 3 बजकर 04 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग बन रहा है। इसके साथ ही चतुर्ग्रही योग और वृद्धि योग भी रहेगा। इससे दिन और अधिक शुभ है। इस साल मकर संक्रांति के दिन षटतिला एकादशी भी पड़ रही है।
यह संयोग करीब 23 साल बाद बन रहा है, जब संक्रांति और एकादशी एक ही दिन आ रही है। ज्योतिष के अनुसार, यह संयोग बहुत पुण्यकारी है। इस दिन किया गया स्नान, दान और पूजा अनंत गुना शुभ फल देने वाला माना जाता है। मकर संक्रांति पर स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, जल में गुड़ या लाल फूल डाल सकते हैं। तिल और गुड़ का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंदों को कंबल, वस्त्र या अनाज दान करें। आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें इससे विशेष लाभ होगा।
हरिद्वार पुलिस ने की अपील
हरकी पैड़ी, कोहरे और ठंड के बीच आस्था का अद्भुत नज़ारा।मकर संक्रांति स्नान पर्व के अवसर पर श्रद्धालु लगा रहे मां गंगा में आस्था की डुबकी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं व्यवस्था को लेकर हरिद्वार पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट। श्रद्धा, सुरक्षा और अनुशासन के साथ सकुशल स्नान पर्व संपन्न कराने में जुटा पुलिस प्रशासन। एसएसपी हरिद्वार प्रमेन्द्र डोभाल ने कहा कि व्यवस्थाओं को बनाने में हरिद्वार पुलिस का सहयोग करें, किसी भी प्रकार की अवांछनीय वस्तु या संदिग्ध व्यक्ति दिखाई देने पर हरिद्वार पुलिस को सूचित करें।
चाकचौबंद पुलिस की व्यवस्था
08 पुलिस उपाधीक्षक, 12 निरीक्षक/थानाध्यक्ष, 87 उपनिरीक्षक/अपर उपनिरीक्षक/महिला उपनिरीक्षक, 131 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, 382 हेड कांस्टेबल प्रशिक्षु, 45 महिला आरक्षी, 03 यातायात निरीक्षक, 18 यातायात उपनिरीक्षक/ अपर उपनिरीक्षक, 42 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल यातायात, 05 कंपनी+ 01 प्लाटून पीएसी, 02 टीम बम निरोधक दस्ता, 01 टीम एटीएस, 16 कर्मी जल पुलिस/गोताखोर, 16 कर्मी अभिसूचना इकाई, 07 यातायात उप निरीक्षक, 37 हेड कांस्टेबल/कांस्टेबल, 02 फायर टेंडर मय उपकरण है।




ब्रीफिंग के दौरान एसएसपी हरिद्वार द्वारा दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश-
* विगत स्नानों में देखा गया कि लोहड़ी/मकर संक्रांति स्नान पर अचानक से भीड़ बढ़ जाती है जिससे हमें पहले से ही छोटी बड़ी सभी तैयारी करके रहना है।
* प्रत्येक जोनल अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में भीड़ बढ़ने की दशा में वैकल्पिक मार्गों का उपयोग कर जनसंख्यिक दबाव को नियंत्रित करेंगे।
* प्रत्येक पॉइंट पर नियुक्त पुलिसकर्मी का अपना विशेष महत्व है। थोड़ी सी भी लापरवाही से कोई भी समस्या उत्पन्न हो सकती है, इसलिए सभी लोग अपनी अपनी जिम्मेदारियों का दृढ़ता एवं संयम के साथ निर्वहन करेंगे।
* मनसा देवी, चंडी देवी में ड्यूटी प्रभारी यह सुनिश्चित करेगे की श्रद्धालुगण कतार में ही आगे बढ़ें, भीड़ का दबाव बढ़ने पर तत्काल कंट्रोल रूम को जानकारी देने के साथ व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखेंगे।
* महिला घाट पर नियुक्त महिला कर्मी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी का निर्वहन करें। इस स्थान पर अधिक भीड़ रहती है। प्रत्येक महिला एवं उसके परिजन उसी के आसपास रहते हैं किसी को स्नान के लिए बहुत अधिक समय नहीं दिया जाए। महिला घाट से श्रद्धालुओं को लगातार बाहर निकलते हुए उनके गंतव्य को भेजा जाए।
* स्नान के दौरान प्रत्येक कर्मी को सही समय पर अपने ड्यूटी पॉइंट पर आकर मुस्तैदी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है।
* स्नान के दौरान घाटों पर श्रद्धालुओं के डूबने की संभावनाएं बनी रहती है। घाटों पर नियुक्त जल पुलिस की टीमें लगातार मौजूद व सतर्क रहें जिससे किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
* स्नान पर्व के पूर्व/दौरान हर की पैड़ी क्षेत्र से भिखारियों को हटाया जाए जिससे श्रद्धालुगण आसानी से आवागमन कर सकें।
* स्नान पर्व के दौरान अप्रिय घटनाओं की रोकथाम के लिए बम निरोधक दस्ते/श्वान दल की टीमें नियुक्त की गई हैं। ये टीमें निरंतर गतिमान रहेंगी। घाटों के संवेदनशील स्थानों के साथ-साथ रेलवे स्टेशन, बस अड्डा व अपर रोड मेला क्षेत्र में चेकिंग करते रहेंगे।
* क्षेत्र में भीड़ नियंत्रण के लिए घुड़सवार पुलिस भी निरंतर गतिमान रहेंगी।
* राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यातायात प्लान तैयार है उसका पूर्ण रूप से पालन करवाया जाए।
* भीड़ की स्थिति के दृष्टिगत मेला क्षेत्र हेतु यातायात योजना तैयार की गई है। समस्त जोनल/सेक्टर अधिकारी उक्त यातायात योजना का भली भांति अवलोकन कर लें।
* जोनल अधिकारी, बाईपास जोन, हाईवे पर नियुक्त समस्त सेक्टर प्रभारियों को समय-समय पर ब्रीफ करते हुए यह सुनिश्चित कर ले कि हाईवे पर किसी भी दिशा में जाम न लगे तथा यातायात सुचारू रूप से चल सके।
* पर्व समाप्ति तक जनपद में भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णत: प्रतिबंधित रहेगा. कोई ड्यूटी पर नियुक्त कर्मचारी अपने पॉइंट से बड़े वाहनों को नहीं छोड़ेंगे।
* मेला ड्यूटी में तैनात कोई भी कर्मी अनावश्यक मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेंगे, न ही किसी प्रकार के नशे का सेवन करेगा।
* श्रद्धालुओं के साथ शिष्टतापूर्ण व मधुर व्यवहार किया जाए तथा प्रयास किया जाए कि समस्या का आपसी वार्ता व सौहार्द से निपटारा किया जाए।
* समस्त कर्मचारीगण स्वच्छ वर्दी धारण करते हुए उच्च कोटि का अनुशासन बनाए रखेंगे। कोई भी अधिकारी/कर्मचारीगण प्रतिस्थानी के आने से पूर्व अपना ड्यूटी स्थल नहीं छोड़ेगा। ड्यूटी पॉइंट छोड़ने से पूर्व अपने सेक्टर प्रभारी को अवश्य सूचित कराएंगे।
* रात्रि ड्यूटी में नियुक्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी गर्म यूनिफार्म के साथ अपने-अपने प्वाइंटों पर मुस्तैदी के साथ मौजूद रहेंगे। सभी जोनल व सेक्टर अधिकारी भ्रमणशील रहेंगे जिसकी मॉनिटरिंग मेला कंट्रोल रूम द्वारा की जाएगी।
सख्त हिदायत
कोई भी अधिकारी कर्मचारी अनावश्यक मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करेंगे अपनी ड्यूटी पर अपने निर्धारित यूनिफार्म के साथ समय से मौजूद रहेंगे l




