( ब्यूरो, न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
देहरादून। धामी मंत्रिमंडल के विस्तार का शुभ मुहूर्त आखिर आ ही गया। आज नवरात्र के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 10 बजे लोकभवन में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) नए मंत्रियों को शपथ दिलाएंगे। वर्तमान में कैबिनेट में पांच मंत्रियों के पद खाली हैं।
उत्तराखंड में अभी पांच मंत्रियों के पद है रिक्त,पांच विधायकों को आज मंत्री बनाए जाने की सुगबुगाहट,जातीय और क्षेत्रीय समीकरण के आधार से होगा। कैबिनेट का संतुलन.. धामी मंत्रिमंडल में संभावित कैबिनेट/राज्य/ स्वतंत्र प्रभार मंत्री इन आठ चेहरों में से भी कुछ चेहरे हो सकते हैं।बाकी भाजपा सरप्राइज देती रहती है। पांच मंत्री पद खाली है अब कितने भरे जाते हैं। बस कुछ घंटे की बात तस्वीर सामने होगी..
सूत्रों के अनुसार ताजपोशी के लिए नए चेहरों का चयन विधायकों के पिछले चार साल के कामकाज का रिकॉर्ड देखकर किया गया है। नई कैबिनेट में क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाया जाएगा।
प्रदेश में लंबे समय से कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं थीं। राष्ट्रीय नेतृत्व के साथ कैबिनेट विस्तार पर कई दौर की वार्ता हो चुकी हैं। सरकार व संगठन के बीच कैबिनेट विस्तार के लिए होमवर्क पूरा होने के बाद इसके लिए नवरात्र का शुभ मुहूर्त चुना गया।
कुल पांच पद हैं खाली
धामी सरकार में मंत्रियों के तीन पद तो पहले से खाली थे। एक पद मंत्री चंदन रामदास के निधन और दूसरा पद प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हो गया था। वर्तमान में मंत्रिमंडल में कुल पांच पद खाली हैं।
दायित्व भी जल्द बंटेंगे
सरकार ने निगमों, बोर्ड व आयोगों में पार्टी पदाधिकारियों को दायित्वधारी बनाया है। अभी दायित्वधारियों के कई पद खाली हैं। सूत्रों के अनुसार अब जल्द ही दो दर्जन और पदों पर दायित्वधारी बनाए जाएंगे।
आपको बता दे धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे से बाद प्रदेश में सियासत गर्म है। बदलते घटनाक्रम में कैबिनेट विस्तार की चर्चाएं जोर पकड़ रही है। इसी कड़ी में गत दिनों सीएम धामी दिल्ली रवाना हुये, मगर वे देहरादून एयरपोर्ट से ही वापस आ गये।
बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले से ही दिल्ली में मौजूद हैं। अब राज्यपाल भी दिल्ली दौरे लौट आये हैं। ऐसे में बन रहे सियासी समीकरणों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा रहा है कि आने वाले एक दो दिनों में धामी सरकार की कैबिनेट का विस्तार हो सकता है।
आपको बता दें अब तक धामी कैबिनेट में वर्तमान समय में कुल पांच सीटें खाली हैं। अभी धामी कैबिनेट में सीएम के साथ सतपाल महाराज, धन सिंह रावत, सौरभ बहुगुणा, गणेश जोशी, सुबोध उनियाल, रेखा आर्य समेत सात कैबिनेट मंत्री है।
साल 2022 में सरकार के गठन के बाद से ही प्रदेश में तीन मंत्रियों की कुर्सी खाली पड़ी थी। इसके बाद साल 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास का निधन हो गया। जिसके चलते धामी मंत्रिमंडल की एक और सीट खाली हो गई। कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने भी इस्तीफा दे दिया है। ऐसे में वर्तमान समय में धामी मंत्रिमंडल में कुल पांच सीटें खाली हैं। प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद एक बार फिर से कैबिनेट विस्तार की चर्चाओं ने जोर पकड़ा है। इसी कड़ी में सीएम धामी दिल्ली दौरे पर रवाना हो गये हैं।
बता दें धामी कैबिनेट में उत्तरकाशी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चमोली, व रुद्रप्रयाग जिले का कोई मंत्री नहीं है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि कैबिनेट विस्तार में इन जिले के नेताओं की लॉटरी लग सकती है। धामी कैबिनेट विस्तार के लिए हाईकमान मंथन करेगा। जिसके बारे में बीजेप प्रदेश अध्यक्ष पहले ही बयान दे चुके हैं। ऐसे में अब सबकी निगाहें सीएम धामी के दिल्ली दौरे पर लगी हैं।
संभावित नाम जो कैबिनेट में हो सकते है शामिल
राजनैतिक विश्लेषकों की माने तो विगत दिनों राजनैतिक उठापठक के बीच ऋतू खंडूरी को भी मंत्रिमंडल में शामिल शामिल किया जा सकता है। इनके स्थान पर बंशीधर भगत को विधानसभा अध्यक्ष बनाया जा सकता है। जबकि गढ़वाल के बदले राजनैतिक समीकरण में सुदृण करना जरुरी है। ऐसे में मुन्ना सिंह चौहान ,खजान , प्रीतम सिंह पवार और विनोद कंडारी ( किसी एक को) ,प्रदीप बत्रा और आदेश चौहान ( किसी एक को),दीवान सिंह बिष्ट और राम सिंह कौड़ा ( किसी एक को) को कैबिनेट में शामिल किया जा सकता है।





