* कैबिनेट में अब छह ऐसे चेहरे हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए और है मंत्री।
* वहीं भाजपा सरकार में कई ऐसे विधायक हैं, जो कई बार की जीत के बाद भी मंत्री नहीं बन सके।
( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
देहरादून / हरिद्वार। उत्तराखंड कैबिनेट में विस्तार के साथ ही इस बात की चर्चा अधिक हो चली है, कि मंत्रीमंडल में कांग्रेस पृष्ठभूमि के विधायकों का वर्चस्व हो चला है। विस्तार के बाद कैबिनेट में अब छह ऐसे चेहरे हैं जो कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए और मंत्री बन गए।
आइये एक नज़र डालते है उन नामों पर -सतपाल महाराज, सुबोध उनियाल, रेखा आर्या, राम सिंह कैड़ा, प्रदीप बत्रा और सौरभ बहुगुणा कांग्रेस की पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखते हैं, सौरभ बहुगुणा सीधे तौर पर नहीं लेकिन उनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि खांटी कांग्रेस की है, वहीं भाजपा सरकार में कई ऐसे विधायक हैं, जो कई बार की जीत के बाद भी मंत्री नहीं बन सके।
वहीं इसके साथ ही यह चर्चा भी तेज है कि क्या भाजपा का पार्टी के लिए समर्पित कार्यकर्ता आज उपेक्षित हो रहा है।
नैनीताल जिले में कांग्रेस से आए और निर्दलीय विधायक रहे #राम सिंह कैड़ा मंत्री बनाए गए, जबकि भाजपा संगठन से जुड़े कालाढूंगी से कई बार के विधायक और पूर्व में मंत्री रहे #बंशीधर भगत, हर बार सरकार आने पर भी रामनगर से तीन बार जीत चुके #दीवान सिंह बिष्ट, और युवा के तौर पर लालकुंआ विधायक मोहन सिंह बिष्ट को मंत्री बनाया जा सकता था।
फिलहाल मंत्रीमंडल विस्तार में में शीर्ष नेतृत्व का निर्णय बताया जा रहा है,
आपके अनुसार क्या चुनाव से कुछ माह पूर्व भाजपा का मंत्रीमंडल विस्तार में लिया गया निर्णय आगामी चुनावों में कोई प्रभावी रहेगा।




