( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
हरिद्वार। घर की छत या दीवारों की दरारों में पीपल और बरगद के पौधों का उगना एक आम समस्या है, जो दिखने में छोटी लग सकती है लेकिन घर की मजबूती को हिला कर रख देती है। बता दें कि इन पेड़ों की जड़ें बहुत शक्तिशाली और फैलने वाली होती हैं, जो धीरे-धीरे कंक्रीट और ईंटों के बीच जगह बना लेती हैं।यदि समय रहते इन्हें हटाया न जाए, तो ये छत और दीवार में दरार डाल देते हैं, जिससे बरसात में पानी टपकने और सीलन की समस्या बढ़ जाती है। इन समस्याओं से बचने के लिए इन्हें बार-बार उखाड़ने के बावजूद ये दोबारा उग आते हैं क्योंकि इनकी जड़ का छोटा सा हिस्सा भी जीवित रहने की क्षमता रखता है। अगर आपके घर की छत या दीवार के किनारे पर ये पौधे उग आए हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है।
आज के इस लेख में हम आपको इन्हें हटाने का एक ऐसे घोल के बारे में बताने जा रहे हैं, जिससे आप इसे बिना उखाड़े हटा सकती हैं।
पीपल और बरगद के पौधे को कैसे हटाएं?पीपल और बरगद जैसे जिद्दी पौधों को दोबारा उगने से रोकने के लिए सबसे कारगर चीज है हींग। हींग का तीखापन और इसके रासायनिक गुण इन पेड़ों की जड़ों को भीतर से सुखा देते हैं, जिससे पौधे की दोबारा पनपने की क्षमता खत्म हो जाती है।
घोल बनाने और इस्तेमाल करने की विधि
पौधों को हटाने के लिए घोल को बनाने के लिए सही तरीके से घोल बनाना बहुत जरूरी है। नीचे देखें इस घोल को बनाने की प्रक्रिया-
सबसे पहले आप लगभग 10-20 ग्राम शुद्ध हींग लें।
इसके बाद इसे आधा कप गुनगुने पानी में घोलकर एक गाढ़ा मिश्रण तैयार कर लें।
इसके बाद पौधे के तने को छत की सतह के पास से काट दें।
तना काटने के बाद जहां जड़ दिखाई दे रही हो, वहां किसी नुकीली चीज या पेचकस से थोड़ा गहरा छेद कर दें।
अब इस छेद में तैयार किया गया हींग का गाढ़ा घोल भर दें और ऊपर से थोड़ी गीली मिट्टी या सीमेंट लगा दें
नमक और फिटकरी घोल का करें इस्तेमालअगर आपके किचन में हींग नहीं है, तो आप नमक और फिटकरी का इस्तेमाल कर सकती हैं। नीचे देखें इसे इस्तेमाल करने का प्रोसेस-
इसके लिए नमक जड़ों की नमी को पूरी तरह खींच लेता है और फिटकरी जड़ों के विकास को रोक देती है। इसके लिए एक कप पानी में 4 चम्मच नमक और 2 चम्मच फिटकरी पाउडर मिलाकर उसका गाढ़ा घोल बनाएं।
इसके बाद इस घोल को जड़ों के पास डाल दें।
घोल को इस्तेमाल करते समय किन बातों का रखें ध्यान?इस घोल का इस्तेमाल करने के लिए धूप वाला दिन चुनें। जब जड़ें सूखी होती हैं, तो वे आपके द्वारा डाले गए घोल को अधिक तेजी से सोखती हैं।
ध्यान रखें कि घोल डालने के तुरंत बाद उस स्थान पर पानी न पड़ने दें, वरना घोल बह जाएगा और जड़ों पर असर नहीं करेगा। घोल डालने के 3-4 दिन बाद आप देखेंगे कि जड़ें काली पड़कर सूखने लगी हैं।




