( सुनील थपरियाल )
उत्तरकाशी। पौराणिक माघ मेले के शुभ अवसर पर जिला पंचायत उत्तरकाशी के सौजन्य से एक भव्य पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख ममता पंवार एवं जिला पंचायत सदस्यगण मौजूद रहे।
गोष्ठी का मुख्य विषय “पौराणिक माघ मेला बाड़ाहाट कु थौलु की दशा एवं दिशा” रहा। इस अवसर पर वक्ताओं ने माघ मेले के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसके संरक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार और भविष्य की दिशा को लेकर अपने-अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि माघ मेला न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान भी है, जिसे सहेजना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

गोष्ठी के दौरान जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष सुनील थपलियाल ने आपदा की दृष्टि से संवेदनशील जनपद उत्तरकाशी में कार्यरत मान्यता प्राप्त एवं गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों के लिए 50 लाख रुपये का बीमा किए जाने की मांग सरकार से की। उन्होंने कहा कि पत्रकार विषम परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हैं, ऐसे में उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।

इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य विजय प्रकाश बधानी, हीरा लाल शाह, भरत सिंह विष्ट, वीरेंद्र वर्धन, शरद चौहान, भगत सिंह रावत सहित अनेक जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं पत्रकारों ने माघ मेले की गरिमा को बनाए रखते हुए उसके सुव्यवस्थित आयोजन और दीर्घकालिक विकास के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में जिला पत्रकार संघ के महामंत्री सुरेंद्र नौटियाल, कोषाध्यक्ष प्रकाश रांगड़, प्रेस क्लब अध्यक्ष राजेश रतूड़ी , आशीष मिश्रा, बलबीर परमार, मुकेश चौहान, अजय कुमार, विनीत कनस्वाल, डॉ. रामचन्द्र उनियाल, राजेन्द्र भट्ट, राधेकृष्ण उनियाल, हरीश चौहान, विपिन नेगी, विजयपाल रावत, तिलक रमोला, भगवती रतूड़ी, उपेंद्र असवाल, अरविंद थपलियाल, कुशला प्रसाद रतूड़ी, नितिन रमोला, हेमकांत नौटियाल, दीपक नौटियाल, पृथ्वी नैथनी, बलदेव भंडारी, वीरेंद्र चौहान, सूर्य प्रकाश, सुभाष बडोनी, शंकर गुसाईं, राजीव नौटियाल, प्रताप रावत सहित जनपद के वरिष्ठ व युवा पत्रकारों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।



