( ज्ञान प्रकाश पाण्डेय )
मुंबई। कुमार मंगलम बिड़ला, आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन ने हाल ही में KBC 17 में अमिताभ बच्चन के सामने एक ऐसा खुलासा किया जिसने सबको हैरान कर दिया। उनके पिता आदित्य विक्रम बिड़ला ने एक सख्त शर्त रखी, जिसने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी। यह किस्सा विरासत संभालने की चुनौतियों को बयां करता है।
पिता की सख्त शर्त
ग्रेजुएशन के बाद कुमार मंगलम सीधे पिता के बिजनेस में कूदना चाहते थे। लेकिन आदित्य विक्रम बिड़ला ने मना कर दिया। उन्होंने शर्त रखी कि बिना चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की डिग्री के कंपनी जॉइन नहीं कर सकते। कुमार को MBA का सपना था, लेकिन पिता का मानना था कि बेसिक फाइनेंशियल स्किल्स के बिना विरासत संभालना गलत होगा। दादाजी और मां से अपील की, लेकिन सबने पिता का साथ दिया।

संघर्ष और सफलता
CA कोर्स मुश्किल था, लेकिन कुमार ने इसे पूरा किया। साथ ही लंदन बिजनेस स्कूल से MBA भी हासिल की। 1995 में मात्र 28 साल की उम्र में पिता के निधन के बाद ग्रुप की कमान संभाली। तब कंपनी का टर्नओवर 40 बिलियन डॉलर था, आज 55 बिलियन से ऊपर। टेलीकॉम, सीमेंट, मेटल्स में विस्तार किया।
KBC पर बिग बी की प्रतिक्रिया
शो में अमिताभ ने पूछा कि इतने बड़े घराने में नीचे से कैसे शुरू किया। कुमार का जवाब सुनकर बिग बी हैरान रह गए। उन्होंने कहा, “पिता ने मुझे उत्तराधिकारी नहीं, लीडर बनाया।” यह किस्सा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां लोग उनकी मेहनत की तारीफ कर रहे हैं।
विरासत का सबक
यह शर्त सिखाती है कि अमीर घराने में भी मेहनत जरूरी। कुमार ने इसे अपनी ताकत बनाया, कंपनी को ग्लोबल बनाया। पद्म भूषण से सम्मानित बिड़ला आज युवाओं के लिए इंस्पिरेशन हैं। पिता की सोच ने न सिर्फ बिजनेस, बल्कि उनकी पूरी जिंदगी बदल दी।





