( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
नई दिल्ली। विश्वभर के देशों में शराब पीने के नियम अलग-अलग हैं। भारत में कई ऐसे राज्य हैं जहां शराब की खपत लगातार बढ़ रही है। हालांकि, 2025 के लिए जारी ‘विश्व जनसंख्या समीक्षा’ के वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, एक यूरोपीय देश ने शराब की खपत में पूरी दुनिया को पीछे छोड़ दिया है।
शराब की खपत में बड़े बदलाव आए हैं

दुनिया भर में जीवनशैली और खान-पान की आदतें लगातार बदल रही हैं। हाल ही में जारी ‘विश्व जनसंख्या समीक्षा 2025’ के आंकड़ों के अनुसार, दुनिया भर में शराब की खपत में बड़े बदलाव आए हैं। रिपोर्ट में पाया गया कि शराब की खपत में यूरोपीय देश अभी भी दुनिया में सबसे आगे हैं.
सबसे ज़्यादा शराब पीने वाला देश कौन सा है?

2025 के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, रोमानिया दुनिया में सबसे ज़्यादा शराब पीने वाला देश बन गया है। औसतन, यहां प्रत्येक व्यक्ति प्रति वर्ष 17 लीटर शुद्ध शराब का सेवन करता है। यहां शराब पीना महज़ मनोरंजन नहीं, बल्कि संस्कृति का एक अभिन्न अंग है।
शराब ऑफर करना यहां क संस्कृति है

रोमानिया में, अगर कोई मेहमान किसी के घर आता है, तो उसे शराब परोसी जाती है। चाहे शादी हो या कोई त्योहार, हर अवसर पर शराब का सेवन किया जाता है। रोमानिया के बाद, जॉर्जिया, चेक गणराज्य और लातविया जैसे देश इस सूची में शीर्ष पर हैं।
भारत में स्थिति क्या है?

भारत की बात करें तो यहां प्रति व्यक्ति वार्षिक शराब की खपत 3.02 से 4.98 लीटर के बीच है। रोमानिया या अन्य यूरोपीय देशों की तुलना में यह आंकड़ा काफी कम है। हालांकि, चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में भारत में शराब पीने वालों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है. जीवनशैली में बदलाव और आय में वृद्धि, विशेष रूप से शहरी क्षेत्रों में, शराब की खपत में वृद्धि का कारण है।
भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता शराब बाजार है

आईडब्ल्यूएसआर 2025 रिपोर्ट के अनुसार, भारत दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता शराब बाजार है। भारत विशेष रूप से व्हिस्की का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता है. दक्षिण भारतीय राज्य तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश भारत में बिकने वाली कुल शराब का 45% से अधिक हिस्सा हैं।
भारत में शराब का क्रेज क्यों बढ़ रहा है?

शहरीकरण में वृद्धि, युवा आबादी और बदलते सामाजिक विश्वासों के कारण भारत में शराब की खपत बढ़ रही है। भारतीय विशेष रूप से प्रीमियम ब्रांडों और विदेशी शराब की ओर आकर्षित हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 तक भारत कुल शराब खपत में जापान को पीछे छोड़ देगा।
शराब किन रोगों का कारण बन रहा?

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, अत्यधिक शराब का सेवन लिवर और हृदय रोग का कारण बनता है। अत्यधिक शराब का सेवन लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर, हेपेटाइटिस, हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, स्ट्रोक, डायबिटीज, कैंसर (मुंह, गला, लिवर), मानसिक अवसाद, याददाश्त कमजोर होना, इम्यून सिस्टम कमजोर होना और पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों का प्रमुख कारण बन रहा है।
भारत के इन राज्यों में बैन है शराब
भारत में गुजरात, बिहार, नगालैंड और मिजोरम में शराब पीना, बेचना और रखना तीनों अपराध है। लक्षद्वीप और मणिपुर के कुछ हिस्सों में आंशिक प्रतिबंध है। अन्य राज्यों में शराब लाइसेंस के साथ वैध है, लेकिन ड्रिंक एंड ड्राइव पूरे देश में अपराध है।
डिस्क्लेमर (Disclaimer): यह जानकारी केवल सामान्य जन-जागरूकता और शैक्षणिक उद्देश्य के लिए दी गई है। शराब का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। अत्यधिक या नियमित शराब पीना गंभीर शारीरिक और मानसिक रोगों का कारण बन सकता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या, लत या इलाज से जुड़ा निर्णय लेने से पहले योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें। News 1 Hindustan का इस लेख का उद्देश्य शराब को बढ़ावा देना नहीं है।






