( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
नई दिल्ली। 01 अप्रैल से नया फाइनेंशियल ईयर शुरू हो जाएगा। नया साल शुरू होते ही पैसों से जुड़े कई नियम बदल जाएंगे। इन नियमों में Income Tax, FASTag, Gold Bond, PAN कार्ड से जुड़े नियम शामिल हैं, जिनका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ेगा। तो चलिए जानते हैं कौन से हैं वो नियम।

1 – नया इनकम टैक्स कानून
01 अप्रैल से इनकम टैक्स से जुड़ा नया कानून लागू हो जाएगा। इसके तहत इनकम टैक्स के नियमों में हुए बदलाव लागू हो जाएंगे। ये बदलाव आपकी सैलरी, आपकी कंपनी की तरफ से मिलने वाली सुविधाओं पर लागू होंगे। इसमें ITR फाइलिंग की डेडलाइन को लेकर भी बदलाव किए गए हैं. नए इनकम टैक्स कानून में टैक्स की भाषा को आसान बनाया गया है।

2 – Fastag Annual Pass की फी बढ़ेगी
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने पिछले साल अगस्त में Fastag Annual Pass लॉन्च किया था। इस एनुअल पास की कीमत 3000 रुपये रखी गई थी। इस पास की वैलिडिटी एक साल या 200 ट्रिप्स की है, दोनों में से जो पहले पूरा हो 01 अप्रैल से Fastag Annual Pass की फी में 75 रुपये की बढ़ोतरी की गई है. ये पास अब 3075 रुपये में मिलेगा।

3 – PAN कार्ड के नियमों में होगा बदलाव
1 अप्रैल से PAN Card के लिए आवेदन करने के लिए केवल आधार कार्ड काफी नहीं होगा। नए और अपडेटेड पैन के लिए आधार के साथ-साथ पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट या वोटर आईडी जैसी सरकारी ID की ज़रूरत पड़ेगी।

4 – ATM से जुड़े नियमों में बदलाव
कई बैंकों ने अपने ATM कार्ड से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। HDFC बैंक ने UPI बेस्ड कैश विड्रॉवल को एटीएम ट्रांजैक्शन कैटेगिरी में डाल दिया है, यानी UPI की मदद से पैसे निकालने पर ATM ट्रांजैक्शन जितनी ही छूट मिलेगी और फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा खत्म होने पर चार्जेस कटेंगे। PNB ने कुछ कार्ड्स पर डेली ट्रांजैक्शन लिमिट में बदलाव किया है। बंधन बैंक ने ऐलान किया है कि एटीएम से महीने में 5 फ्री कैश ट्रांजैक्शन अलाउड होंगे।

5 – सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड टैक्स रूल
Budget 2026 के मुताबिक, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड से होने वाले कैपिटल गेन पर कैपिटल गेन्स टैक्स लागू होगा. इस कैपिटल गेन पर छूट केवल तब मिलेगी जब SGB RBI द्वारा जारी किए गए ओरिजिनल ईशू के दौरान सब्स्क्राइब किया जाए और मैच्योरिटी तक उसे रखा जाए। अगर आप सेकंडरी मार्केट से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड खरीदते हैं और मैच्योरिटी तक अपने पास रखते हैं तो भी आपको कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होगा।

6 – RBI का डिजिटल पेमेंट्स से जुड़ा नियम
1 अप्रैल से किसी भी तरह के डिजिटल पेमेंट के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य होगा। यहां डिजिटल पेमेंट्स से मतलब, UPI, Card Payment, Wallet Payment, Online NEFT, RTGS Payments से है। RBI के नियम के मुताबिक, अगर कोई बैंक इस नियम का पालन नहीं करता और फ्रॉड ट्रांजैक्शन होता है तो इसके लिए बैंक पूरी तरह जिम्मेदार होगा।

7 – फ्यूचर एंड ऑप्शन ट्रेडिंग में STT में बढ़ोतरी
इस साल के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि फ्यूचर एंड ऑप्शन की ट्रेडिंग में सिक्योरिटीज़ ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाया जाएगा फ्यूटर ट्रेंडिंग पर STT 0.05 प्रतिशत और ऑप्शंस ट्रेडिंग पर 0.15 प्रतिशत टैक्स लगेगा।

8 – शेयर बायबैक पर टैक्स
अगर कोई कंपनी इनवेस्टर्स से अपने शेयर्स वापस खरीदती है तो इसे शेयर बायबैक कहा जाता है। आम तौर पर कंपनियां मार्केट रेट से ज्यादा पैसा देकर शेयर्स वापस खरीदती हैं। अब तक बायबैक से होने वाली कमाई को डिविडेंट माना जाता था और इनवेस्टर की इनकम में इसे जोड़कर इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स कटता था। अब इसे कैपिटल गेन्स माना जाएगा और आम इनवेस्टर को कैपिटल गेन्स टैक्स चुकाना होगा। वहीं, कंपनी को भी एडिशनल टैक्स चुकाना होगा। भारतीय कंपनियों को 22 प्रतिशत और विदेशी कंपनियों को 30 प्रतिशत टैक्स देना होगा। (फोटो- कैन्वा)





