( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान /एजेंसी )
इस्लामाबाद/ नई दिल्ली। पाक में अमेरिका-ईरान के बीच सीधी वार्ता शुरू हुई, जिसमें ईरान ने कुछ मुद्दों पर समझौता किया। इस बीच इजराइल के लेबनान पर हमले जारी रहे ,फिर भी दोनों पक्ष युद्ध को लेकर लचीला रुख पनाये हुए है।
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की मौजूदगी में हुई इस बातचीत का मकसद नाजुक युद्धविराम को सुनिश्चित करना और क्षेत्रीय स्थिरता लाना है। ईरान ने सीधे संवाद से बचने की अपनी नीति बदली। हालांकि इजराइल के लेबनान हमले जारी रहे, फिर भी दोनों पक्ष भविष्य में युद्ध टालने के लिए लचीला रुख अपना रहे हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच शनिवार को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अहम बातचीत शुरू हुई। दोनों देशों के डेलीगेशन के बीच पहले दौर में करीब दो घंटे तक आमने-सामने बैठक हुई, जिसमें कई संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा की गई। सूत्रों के मुताबिक, ईरान अब तक तीन प्रमुख मुद्दों पर सहमति जताने को तैयार हो गया है। हालांकि बातचीत से पहले तेहरान ने दो शर्तें रखी थीं, जिन्हें अमेरिका ने पूरी तरह नहीं माना, फिर भी वार्ता जारी है।
आपको बताते चले कि ईरान की लंबे समय से नीति रही है कि वह अमेरिका के साथ सीधे बातचीत नहीं करेगा, लेकिन अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस के इस्लामाबाद पहुंचने के बाद उसने इस रुख में नरमी दिखाई है। सूत्रों का मानना है कि दोनों पक्ष कुछ अहम मुद्दों पर समझौते के करीब पहुंच सकते हैं। ईरान भी नहीं चाहता कि वेंस खाली हाथ लौटें, इसलिए दोबारा युद्ध टालने के लिए वह कई मुद्दों पर लचीला रुख अपना रहा है।
बताया जा रहा है कि इस बातचीत की पल-पल की जानकारी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी जा रही है। दोनों डेलीगेशन हर अहम फैसले पर ट्रंप से फोन के जरिए संपर्क कर उनकी सहमति ले रहे हैं।
ईरान को मिल सकती है कुछ रियायत
ईरान को पता है कि व्हाइट हाउस में फिलहाल जेडी वेंस अकेले हैं, जो ईरान के साथ जंग नहीं चाहते हैं। बदले में ईरान को कुछ रियायत मिलेगी।
ईरान की सरकारी न्यूज एजेंसी ने कहा कि दक्षिणी लेबनान पर इजराइली हमलों में कमी और ईरान की दूसरी पहले से तय शर्तों को पूरा करने के बाद अमेरिका, ईरान और पाकिस्तान के साथ तीन-तरफ़ा बातचीत शुरू हुई।
यह बातचीत अमेरिका के वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ से मुलाकात के बाद हुई। प्रधानमंत्री ने ईरानी डेलीगेशन के साथ भी मीटिंग की. ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने बताया कि डेलीगेशन ने शरीफ को बताया था कि वे अपने कई प्रस्तावों पर दोबारा जोर दे रहे हैं।
उप राष्ट्रपति वेंस की प्रतिष्ठा दांव पर
बातचीत का मकसद एक नाजुक सीजफायर को पक्का करना है, जिससे लड़ाई को हमेशा के लिए खत्म करने का रास्ता साफ हो सके। पाकिस्तान के लिए निकलने से पहले, वेंस ने ईरान को चेतावनी दी कि वह अमेरिका के साथ “खेल” न करे। कुछ घंटे पहले, ट्रंप ने वैंस को गुड लक कहा और कहा “हमें पता चल जाएगा कि क्या हो रहा है। वे मिलिट्री तौर पर हार गए हैं।”
उन्होंने दिन में पहले अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर की गई बातों को दोहराया, जहां उन्होंने कहा था कि ईरान के पास शांति बातचीत में “कोई पत्ते नहीं” हैं, और “आज वे सिर्फ बातचीत करने के लिए जिंदा हैं।”
जंग में हजारों की गई जान
इस बीच, इजराइल ने शनिवार सुबह लेबनान में हमले जारी रखे, जबकि ईरान ने सीजफायर बातचीत के लिए वहां लड़ाई रोकने की शर्त रखी थी। लेबनान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी ने बताया कि शनिवार को इजराइली हमलों में कम से कम तीन लोग मारे गए। उसने दोपहर में हुए हमलों की कोई खबर नहीं दी।
इस युद्ध में ईरान में कम से कम 3,000 लोग, लेबनान में 1,953, इजराइल में 23 और खाड़ी के अरब देशों में एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए हैं।
इसने फारस की खाड़ी को ग्लोबल इकॉनमी से काफी हद तक काट दिया है, जिससे एनर्जी की कीमतें आसमान छू रही हैं और इस इलाके के आधा दर्जन देशों में इंफ्रास्ट्रक्चर को लंबे समय तक नुकसान हुआ है।




