( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
नई दिल्ली। उत्तर भारत में मानसून का नया चरण शुरू होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड समेत 16 राज्यों में बारिश, तेज आंधी और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। हालांकि दिल्ली को अभी कुछ और इंतजार करना पड़ सकता है, जबकि मध्य प्रदेश में भारी बारिश का दौर तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश और बिहार में भी 29 जून से बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 4 दिनों में मानसून उत्तर भारत के बड़े हिस्से में तेजी से आगे बढ़ेगा।
गर्मी से बेहाल उत्तर भारत के लिए अब राहत की उम्मीद और इंतजार, दोनों साथ-साथ चल रहे हैं। कहीं बादल दस्तक दे रहे हैं तो कहीं आसमान अब भी सूना है। यही वजह है कि इस बार मानसून का सफर थोड़ा अलग नजर आ रहा है। मौसम विभाग (IMD) के ताजा अपडेट के मुताबिक, अगले कुछ दिन देश के मौसम की तस्वीर बदल सकते हैं।
मध्य प्रदेश में बादल खुलकर बरसने की तैयारी में हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में तेज हवाओं के साथ बारिश की एंट्री का काउंटडाउन शुरू हो चुका है। वहीं दिल्ली-एनसीआर के लोगों को अभी थोड़ा और सब्र करना पड़ सकता है। राहत की खबर यह है कि गर्मी का असर धीरे-धीरे कमजोर होगा और बारिश का दायरा लगातार बढ़ेगा। IMD का कहना है कि नया वेदर सिस्टम सक्रिय होने से देश के कई हिस्सों में मानसून अचानक रफ्तार पकड़ सकता है। इसका असर सिर्फ तापमान पर नहीं, बल्कि खेती, जलस्तर और रोजमर्रा की जिंदगी पर भी दिखाई देगा।
मौसम विभाग ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़, गुजरात, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, महाराष्ट्र, असम, कर्नाटक, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल समेत 16 राज्यों के लिए बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। IMD का कहना है कि अगले तीन से चार दिनों के दौरान मानसून उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और गुजरात की ओर तेजी से आगे बढ़ेगा। दूसरी ओर स्काईमेट ने पूर्वोत्तर भारत में लगातार भारी बारिश की संभावना जताई है। दक्षिण भारत में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा।
उत्तर भारत के लिए यह बदलाव इसलिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ दिनों से कई राज्यों में भीषण गर्मी और उमस लोगों की परेशानी बढ़ा रही थी।
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून गतिविधियां अब मुख्य मानसूनी बारिश का रास्ता तैयार कर रही हैं। इससे खरीफ फसलों की बुआई को भी फायदा मिलेगा. हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को तेज हवाओं, बिजली गिरने और स्थानीय स्तर पर जलभराव की संभावना को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
दिल्ली-NCR: मानसून लेट, लेकिन राहत की दस्तक शुरू
दिल्ली-एनसीआर में मानसून की एंट्री उम्मीद से थोड़ी देर से हो रही है। पहले अनुमान था कि 27 जून तक मानसून राजधानी पहुंच जाएगा। लेकिन अब IMD का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक इसके पहुंचने की संभावना है। हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि मौसम पूरी तरह सूखा रहेगा। 27 जून से 1 जुलाई के बीच प्री-मानसून गतिविधियां जारी रहेंगी। गरज-चमक, हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। 28 जून से तापमान में गिरावट महसूस होगी। 30 जून और 1 जुलाई को बारिश की संभावना और मजबूत बताई गई है। ऐसे में दिल्लीवालों को फिलहाल झमाझम बारिश के लिए थोड़ा इंतजार करना होगा, लेकिन गर्मी से राहत मिलनी शुरू हो जाएगी।
उत्तर प्रदेश में 29 जून से बदलेगा मौसम का मिजाज
उत्तर प्रदेश में अभी दो दिन तक कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, लेकिन 29 जून से तस्वीर तेजी से बदलने के संकेत हैं। लखनऊ, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, झांसी, बरेली, हाथरस, मऊ, बलिया और औरैया समेत कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। IMD के अनुसार 29 जून से 1 जुलाई के बीच तेज बारिश के साथ 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। बिजली गिरने और आंधी की भी आशंका है। किसानों के लिए यह बारिश राहत लेकर आ सकती है, लेकिन खुले स्थानों पर रहने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
बिहार में 2 जुलाई तक बारिश का लंबा दौर
बिहार में मानसून अब तेजी से सक्रिय होने वाला है। पटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधुबनी, सुपौल और पश्चिमी-पूर्वी चंपारण समेत अधिकांश जिलों में 28 जून तक हल्की बारिश की संभावना है। इसके बाद 29 जून से भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जो 2 जुलाई तक रुक-रुककर जारी रहेगा। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले पांच दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इससे उमस और गर्मी से राहत मिलेगी, जबकि धान की खेती के लिए भी यह बारिश बेहद फायदेमंद मानी जा रही है।
रेगिस्तान पर बरसेंगे बादल
राजस्थान में भी मौसम तेजी से करवट ले रहा है। जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, अलवर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, टोंक, प्रतापगढ़ और सवाई माधोपुर समेत कई जिलों में 27 से 29 जून के बीच अच्छी बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया है। कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश होगी। लंबे समय से गर्मी झेल रहे लोगों को इससे राहत मिलेगी और जलस्रोतों में भी सुधार आने की उम्मीद है।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा मेहरबान रहेगा मानसून
अगर किसी राज्य पर मानसून सबसे ज्यादा मेहरबान दिख रहा है तो वह मध्य प्रदेश है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सागर, रीवा, सतना, नर्मदापुरम, बैतूल, धार, देवास, रतलाम, शाजापुर और बालाघाट समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है। कई जगह 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में राज्य में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। लगातार बारिश से तापमान में बड़ी गिरावट आएगी और किसानों को खरीफ की बुआई के लिए अनुकूल परिस्थितियां मिलेंगी।
पंजाब-हरियाणा: लू की विदाई, बारिश की एंट्री की तैयारी
पंजाब और हरियाणा में पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा रखी है, लेकिन अब मौसम का मिजाज धीरे-धीरे बदलने वाला है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में नया मौसमी सिस्टम सक्रिय होगा, इससे दोनों राज्यों में प्री-मानसून गतिविधियां तेज होंगी। कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। तेज हवाएं चलने से तापमान में गिरावट आएगी और दिन के समय महसूस होने वाली उमस भी कम होगी। किसानों के लिए भी यह बदलाव राहत लेकर आएगा, क्योंकि धान और अन्य खरीफ फसलों की बुआई के लिए पर्याप्त नमी मिलने लगेगी।
हालांकि मौसम विभाग ने लोगों को पूरी तरह बेफिक्र रहने की सलाह नहीं दी है। तेज हवाओं के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने और खुले मैदानों में बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून पंजाब और हरियाणा के अधिकांश हिस्सों में पहुंच सकता है। इसके बाद बारिश की गतिविधियां और तेज होने की संभावना है। यानी फिलहाल राहत की शुरुआत होगी और आने वाले दिनों में मानसून पूरे रंग में दिखाई देगा।
उत्तराखंड-हिमाचल: पहाड़ों में आंधी, ओले और बारिश का ट्रिपल अलर्ट
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम तेजी से बदल रहा है। मौसम विभाग ने दोनों राज्यों के कई जिलों में बारिश, तेज आंधी और कुछ ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि की संभावना जताई है। उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल, नैनीताल, अल्मोड़ा, हरिद्वार, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और चंपावत में 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। वहीं देहरादून में तापमान में गिरावट के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। यात्रियों और चारधाम जाने वाले श्रद्धालुओं को मौसम अपडेट देखकर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है।



