Spread the love( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान ) हरिद्वार। जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय की अध्यक्षता में कैम्प कार्यालय में जल जीवन मिशन योजना की प्रगति की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी विनय शंकर पाण्डेय को अधिकारियों ने जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल उपलब्ध कराने के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी […]
Spread the love( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान ) रुड़की। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की(आईआईटी, रुड़की), एक राष्ट्रीय महत्व का संस्थान; गरुड़ एयरोस्पेस, चेन्नई के साथ पंजीकृत एक प्रमुख ड्रोन स्टार्टअप; और एग्रोब (AGROB), इंडिया और MSME (एमएसएमई), स्टार्ट-अप, गुड़गांव के तहत पंजीकृत एक कृषि-पारिस्थितिकी तंत्र, जिसने तीव्रता से विकसित हो रहे भारतीय ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र में स्वदेशी ड्रोन पायलटों की बढ़ती मांग को संयुक्त रूप से संबोधित करने के लिए एक दीर्घकालिक साझेदारी समझौते पर हस्ताक्षर किए। तीनों पक्षों के पारस्परिक लाभ, प्रयासों में ताल-मेल बिठाने और विशेषज्ञ सेवाओं की तलाश करने के लिए, संगठनों ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) के तहत काम काज को औपचारिक रूप देने के लिए एक त्रिपक्षीय का गठन किया। यह सॉफ्टवेयर, रोबोटिक्स, डिजिटल समाधान, ड्रोन पायलट प्रशिक्षण, डेमो, एआई आधारित समाधानों में तथा अन्य संबंधित क्षेत्रों के प्रमुख तकनीकी और अनुसंधान क्षेत्रों में आगामी ड्रोन प्रौद्योगिकियों के पारस्परिक रूप से लाभकारी एरिया में पार्टियों के बीच बातचीत को बढ़ावा देगा और संयुक्त (पायलट) परियोजनाओं को शुरू करेगा, साथ ही आईआईटी रुड़की एप्लिकेशन-आधारित समाधान यानी एआई आधारित निगरानी, दूसरों के बीच प्रदान करेगा। AGROB और गरुड़ वास्तविक समय कार्यान्वयन प्रदान करेंगे।एग्रोब इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कृषि और तकनीकी उत्पादों और सेवाओं के निर्माण पर केंद्रित है। इसने निर्यात-आयात, ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से अपनी वैश्विक उपस्थिति भी स्थापित की है, और इसका उद्देश्य अनुसंधान सहायता के साथ लागत प्रभावी ड्रोन का निर्माण, बिक्री और सेवा करना है, साथ ही मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) उद्योग में ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्रदान करना है। इस प्रकार ये, ड्रोन एकीकरण और एडोप्शन की लागत के प्रभावी प्रबंधन के लिए अग्रणी है। इसके अलावा, गरुड़ एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड विभिन्न अनुप्रयोगों के लिए यूएवी या ड्रोन के डिजाइन, निर्माण और अनुकूलन पर ध्यान केंद्रित करता है। कृषि सर्वेक्षण, मानचित्रण, टोही और निगरानी जैसी विविध आवश्यकताओं की पूर्ति करने के साथ गरुड़ ड्रोन पायलट प्रशिक्षण, ड्रोन की बिक्री और डेमो भी<span style=”font-size: 12.0pt; font-family: ‘Cambria’,’serif’; mso-fareast-font-family: Cambria; mso-bidi-font-family: Cambria; color: black;” data- उपलब्ध है।
Spread the love-प्रदेश के ठेकेदारों द्वारा उपखनिज चोरी का है मामला ! -4000 करोड़ के खनन घोटाले की अब तक नहीं हो पाई जांच | -सरकार जांच कराए तो मिल सकता है लगभग ₹500 करोड़ राजस्व | -सूचना आयोग/ शासन के […]