( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार स्थित एस एम जे एन पी जी कॉलेज प्रांगण में पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी के तत्वावधान में महामंडलेश्वर पट्टाभिषेक समारोह का भव्य आयोजन किया गया जिसमे देश–विदेश से संत–महात्मा, अखाड़ों के प्रतिनिधि, विद्वान आचार्य एवं सनातन धर्मावलंबी श्रद्धालु उपस्थित रहे। वैदिक रीति-रिवाज के साथ धूमधाम से आदित्यानंद गिरी को प्रतिष्ठित श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े का महामंडलेश्वर बनाया गया। अखाड़ा परंपरा में महामंडलेश्वर पद सनातन धर्म में त्याग, तप, तपस्या और गुरु कृपा का सर्वोच्च प्रतीक माना जाने वाला यह पद केवल एक धार्मिक सम्मान नहीं, बल्कि धर्म रक्षा, समाज मार्गदर्शन और आध्यात्मिक चेतना के प्रसार का दायित्व भी है। पट्टाभिषेक कार्यक्रम में मौजूद सभी अथिति साधु-संतों ने चादर विधि के अनुसार स्वामी आदित्यानंद गिरी को चादर ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। जिसके बाद पुष्प वर्षा तथा वैदिक मंत्रोचारण द्वारा उन्हें महामंडलेश्वर बनाया गया। पट्टाभिषेक होने के पश्चात् महामंडलेश्वर पद पर नियुक्त आदित्यानंद गिरि महाराज ने कहा कि यह गौरवपूर्ण समय है।

श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर पद पर मेरा पट्टाभिषेक किया गया है। उन्होंने कहा कि वे अखाड़े की परंपरा को आगे बढ़ाने तथा सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए भी पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। हर-हर महादेव के जयकारों के साथ संतों ने महामंडलेश्वर को तिलक लगाकर चादर ओढ़ाकर उनका सम्मान किया।

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने कहा कि अखाड़े के महामंडलेश्वर पद पर आसीन हुए आदित्यानंद गिरि जैसा युवा और दिव्य संत, संत समाज और हिंदू समाज को एक नई दिशा देगा। उन्होंने कहा की अगली धर्म संसद जापान देश में होगी और शीघ्र ही इस सम्बन्ध में एक अखाड़े का एक शिष्ट मंडल जापान जायेगा। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि श्री निरंजनी पंचायती अखाड़ा हमेशा समाज निर्माण और मानव सेवा के लिए कार्य करता रहा है।

इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष श्रीमहंत प्रेम गिरी जी महाराज ने कहा कि पूरी दुनिया सनातन संस्कृति को अपना रही है। सनातन संस्कृति की पताका फहराने में युगों-युगों से संत समाज की अहम भूमिका रही है। महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरि पूरे विश्व में सनातन धर्म संस्कृति की पताका फहराएंगे। महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि अपनी आध्यात्मिक यात्रा के दौरान महामंडलेश्वर स्वामी आदित्यानंद गिरि जापानी समाज को मार्गदर्शन प्रदान करने के साथ धार्मिक लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे। इस अवसर पर श्रीमहंत महेश पुरी ने कहा कि महामंडलेश्वर पर पर आसीन हुए आदित्यानंद पुरी सम्पूर्ण विश्व को सनातन परंपरा से जोड़ने का कार्य करेंगे। इस अवसर पर श्रीमहंत दर्शन भारती ने कहा कि आज का यह पुनीत अवसर गुरु शिष्य परंपरा को दर्शाता हैं।



