Big News CM Dhami Dehradun Many astrologers and Babas have been making predictions in the politics of Uttarakhand Slider States Uttarakhand

बड़ी खबर : उत्तराखण्ड की राजनीति में कई ज्योतिषाचार्य और बाबा अनुमान लगाते रहे है,ऐसा ही कुछ CM Dhami को लेकर भी चल रहा है ,पर सच्चाई है सबसे परे। आखिर क्या और क्यों ? Tap कर जाने 

Spread the love

( ज्ञान प्रकाश पाण्डेय )

देहरादून। आज से 10 साल पहले उत्तराखंड में एक ज्योतिषी स्वर्गीय बेजान दारूवाला जी आए और उन्होंने भविष्यवाणी की थी कि हरीश रावत 2017 का चुनाव जीत कर मुख्यमंत्री बनने वाले हैं लेकिन हरदा दोनों सीटों पर हार गए। 

अलग-अलग बाबा और ज्योतिषाचार्य उत्तराखंड की राजनीति में अनुमान लगाते रहते हैं लेकिन यह अनुमान धरातल पर दूर की कौड़ी की साबित होते हैं। आजकल उत्तराखंड में एक ऐसा ही अनुमान सियासी गलियारों में तैर रहा है जिस पर प्रदेश अध्यक्ष Mahendra Bhatt ने कहा कि 2027 का चुनाव भाजपा सीएम Pushkar Singh Dhami के नेतृत्व में ही लड़ेगी।

इसके पीछे कुछ ठोस कारण भी नजर आते हैं

जनवरी 2026 निकल चुका है और दिसंबर 2026 तक आचार संहिता लगने की संभावना है। ऐसे में भाजपा के पास कुछ ही महीनों का प्रभावी समय बचता है। इस समयावधि में मुख्यमंत्री बदलना न तो प्रशासनिक रूप से व्यावहारिक है और न ही भाजपा की स्थापित राजनीतिक रणनीति का हिस्सा।

सबसे मुख्य, भाजपा नेतृत्व परिवर्तन तभी करता है जब सरकार पूरी तरह असफल हो। पुष्कर सिंह धामी के मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं है।केंद्र में माननीय प्रधानमंत्री Narendra Modi और राज्य में धामी जी की जोड़ी उत्तराखंड में हर चुनाव में सफल हुई है।(लोकसभा से लेकर नगर निगम नगर निकाय पंचायत चुनाव तक) 

इसके अलावा वे उत्तराखंड के 25 वर्षों में पहले ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिन पर क्षेत्रीय पक्षपात का आरोप नहीं टिकता। कुमाऊं से होने के बावजूद गढ़वाल में उनकी स्वीकार्यता बनी हुई है,(विकास कार्यों के चलते) जो राज्य की राजनीति में एक बड़ा संतुलन है। भाजपा इस संतुलन को चुनाव से ठीक पहले तोड़ने का जोखिम नहीं ले सकती।

सबसे अहम कारण यह है कि अगर सैद्धांतिक रूप से नेतृत्व परिवर्तन की संभावना मानी भी जाए, तो ऐसा कोई नया चेहरा नहीं है जिसके सामने एंटी-इनकंबेंसी न खड़ी हो। संभावित विकल्प वर्षों से सत्ता और मंत्रालयों का हिस्सा रहे हैं, और उनके विभागीय कार्यों, फैसलों और विवादों से जुड़ी असंतुष्टि स्वतः उनके साथ जुड़ जाती है। ऐसे में किसी चेहरे को “फ्रेश फेस” के रूप में पेश करना राजनीतिक रूप से संभव नहीं है। 

भाजपा 2027 में दस साल की सत्ता के बाद चुनाव लड़ने जा रही है, इसलिए पार्टी का फोकस नेतृत्व बदलने के बजाय नैरेटिव बदलने पर है। सरकार के काम, कानून-व्यवस्था, भ्रष्टाचार पर कार्रवाई और वैचारिक स्पष्टता को चुनावी मुद्दा बनाना तभी संभव है जब नेतृत्व स्थिर हो। वर्तमान सरकार के बड़े फैसलों को देखकर और भाजपा की चुनावी कार्यशैली को देखते हुए यह साफ है कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तराखंड में भाजपा मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ही लड़ेगी।

news1 hindustan
अब आपका अपना लोकप्रिय चैनल Youtube सहित इन प्लेट फार्म जैसे * jio TV * jio Fibre * Daily hunt * Rock tv * Vi Tv * E- Baba Tv * Shemaroo Tv * Jaguar Ott * Rock Play * Fast way * GTPL केबल नेटवर्क *Top Ten खबरों के साथ देखते रहे News 1 Hindustan* MIB ( Ministry of information & Broadcasting, Government of India) Membership
http://news1hindustan.com

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *