( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
नई दिल्ली/ देहरादून। उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और मशहूर पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के बीच छिड़ा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। टिहरी गढ़वाल स्थित सिद्धपीठ मां कुंजापुरी देवी मेले के दौरान हुए मंच विवाद पर मंत्री ने अपना सख्त रुख कायम रखा है। सिंगर मीका सिंह की टीम के उन दावों को मंत्री सुबोध उनियाल ने पूरी तरह से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि मंत्री सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है।
उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने कुंजापुरी मेले में हुए विवाद को लेकर दलेर मेहंदी से माफी मांगने की बात से इनकार किया है।
एक चैनल को दिए एक इंटरव्यू में उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने सिंगर दिलेर मेहँदी माफ़ी मांगी थी।
इस पर मंत्री ने कहा, ‘मेरा माफी मांगने का सवाल ही नहीं है।’ उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर उन्होंने ऐसा कौन सा अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए।
₹26 लाख की रकम का भी किया जिक्र
सुबोध उनियाल ने इस बातचीत में दो टूक कहा, ‘अगर दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी तो उन्हें आयोजकों और दर्शकों को इसकी जानकारी देनी चाहिए थी। उन्होंने कहा कि अगर सिंगर की तबीयत ठीक नहीं थी तो उन्हें कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए था। अगर वह मंच पर आए थे तो जनता को अपनी परेशानी बता सकते थे। इस विवाद पर अपनी बात रखते हुए सुबोध उनियाल ने जिम्मेदारी तय करने का सवाल भी उठाया। उन्होंने कहा कि गलती करने वाले को माफी मांगनी चाहिए। मंत्री ने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति और दर्शकों की उम्मीदों का हवाला देते हुए 26 लाख रुपये की रकम का जिक्र किया। उनियाल ने कहा, ‘अपराध इन्होंने किया है, 26 लाख रुपये लेकर के जनता की जो उम्मीदें थीं, उन पर पानी फेरने का।’
मीका सिंह की टीम ने क्या कहा था?
सुबोध उनियाल के ताजा बयान से पहले माफी मांगने की खबर सामने आई थी। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मीका सिंह की टीम ने दावा किया था कि सुबोध उनियाल ने फोन पर दलेर मेहंदी से माफी मांगी है। टीम ने एक बयान में कहा था, ‘हम इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर सुबोध उनियाल जी द्वारा दलेर मेहंदी पाजी से फोन पर माफी मांगने की सराहना करते हैं।’ टीम ने कलाकारों के सम्मान और उनकी गरिमा बनाए रखने पर भी जोर दिया था, साथ ही उम्मीद जताई थी कि माफी के बाद विवाद को पीछे छोड़कर आगे बढ़ा जा सकेगा। लेकिन अब सुबोध उनियाल के बयान ने इस दावे और उनके सार्वजनिक रुख के बीच अंतर पैदा कर दिया है। एक तरफ मीका सिंह की टीम फोन पर माफी मांगे जाने की बात कह रही है। दूसरी तरफ मंत्री कह रहे हैं कि उन्हें माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है।
क्या था कुंजापुरी मेले का पूरा मामला?
यह पूरा विवाद टिहरी गढ़वाल में आयोजित नवरात्रि कुंजापुरी मेले के दौरान शुरू हुआ था। आरोप है कि दलेर मेहंदी की लाइव परफॉर्मेंस के दौरान मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंचे और कार्यक्रम रुकवा दिया। मंत्री ने दावा किया था कि सिंगर शराब के नशे में थे और केवल लिप-सिंक कर रहे थे।
दूसरी तरफ, मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए कहा था कि दलेर मेहंदी की तबीयत खराब थी और उन्होंने कभी शराब को हाथ भी नहीं लगाया है। अब मंत्री के इस ताजा बयान के बाद इस विवाद ने एक नया मोड़ ले लिया है।




