( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
देहरादून। उत्तराखंड में मानसून की बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। रविवार को अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर कुछ धीमा जरूर पड़ा, लेकिन पिछले कई दिनों से हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण पहाड़ों में हालात अब भी चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
भूस्खलन से चारधाम यात्रा मार्गों सहित दर्जनों सड़कें बंद हैं, जबकि नदियां और बरसाती नाले उफान पर हैं। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

तवाघाट-लिपुलेख और थल-मुनस्यारी मार्ग समेत कई संपर्क मार्ग बंद
चारधाम यात्रा पर सबसे अधिक असर यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर पड़ा है। उत्तरकाशी जिले के स्यानाचट्टी क्षेत्र में भूस्खलन से क्षतिग्रस्त यह मार्ग लगातार तीसरे दिन भी नहीं खुल सका। सड़क से मलबा हटाने और वैकल्पिक मार्ग तैयार करने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। भूस्खलन के कारण यमुना नदी में फिर से झील बनने की स्थिति पैदा हो गई है, जिसे रोकने के लिए सिंचाई विभाग चैनलाइजेशन का कार्य कर रहा है।
नदियां उफान पर,अगले पांच दिन कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी
वहीं, कुमाऊं मंडल में शनिवार तक हुई भारी बारिश के बाद रविवार को मौसम ने कुछ राहत दी, लेकिन नुकसान अब भी सामने आ रहा है। पूरे कुमाऊं में 30 से अधिक सड़कें बंद हैं। अकेले पिथौरागढ़ जिले में तवाघाट-लिपुलेख, थल-मुनस्यारी, दारमा सहित 15 मार्ग भूस्खलन के कारण बाधित हैं।

राजधानी देहरादून में रविवार सुबह से शाम तक धूप और बादलों की आंख-मिचौली जारी रही। दोपहर बाद कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि दिनभर उमस ने लोगों को परेशान किए रखा। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज पर्वतीय जिलों में अनेक स्थानों व मैदानी क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।
यलो अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने देहरादून, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में कहीं-कहीं भारी वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा पर्वतीय क्षेत्रों में गर्जन के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के तीव्र से अति तीव्र दौर की भी संभावना जताई गई है।



