( ब्यूरो ,न्यूज़ 1 हिन्दुस्तान )
हरिद्वार। हर साल कार्तिक अमावस्या पर दीपावली का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की संयुक्त पूजा करने का विधान बताया गया है। दिन घरों को दीपों और रोशनी से सजाया जाता है। शाम के समय परिवार के लोग एक साथ बैठकर लक्ष्मी-गणेश और कुबेर देव की आराधना करते हैं। धार्मिक मान्यता है कि दिवाली पर मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। धन-धान्य में वृद्धि होती है और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलती है।
आइए जानते हैं कि इस साल दिवाली का त्योहार किस दिन-तारीख पड़ रहा है। आइये जानते है नारायणी शिला हरिद्वार के मुख्य सेवक पंडित मनोज त्रिपाठी से सही समय और तारीख
दिवाली 2026 तिथि और शुभ मुहूर्त तथा सोमवती अमावस्या
हिंदू पंचांग के मुताबिक, कार्तिक अमावस्या तिथि 8 नवंबर को सुबह 11 बजकर 27 मिनट से लेकर 9 नवंबर को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक रहने वाली है। ऐसे में दिवाली का त्योहार 8 नवंबर दिन रविवार को मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजन की बात करें तो शाम 5:54 बजे से लेकर रात 7:50 बजे तक पूजा का शुभ मुहूर्त रहने वाला है। ज्योतिषाचार्य पंडित मनोज त्रिपाठी के अनुसार चूँकि सोमवार को दोपहर 12 बजकर 31 मिनट तक अमावस्या रहने वाली है तो जो लोग सोमवती अमावस्या की पूजा करते है उनके लिए उपयुक्त है।
दिवाली पूजा की सामग्री
दीपावली की पूजा शुरू करने से पहले सभी जरूरी सामान एक जगह जुटा लें। इसमें पूजा के लिए मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां, चौकी और लाल कपड़ा रखें। इसके साथ रोली, कुमकुम, चंदन, अक्षत, पान, सुपारी, पंचामृत, नारियल और गंगाजल भी तैयार रखें। पूजा में कलश, आम के पत्ते, मौली और जनेऊ की भी जरूरत होती है। इसके अलावा फूल, फल, दूर्वा, धूप, कपूर, दीपक और रुई की बत्तियां रख लें। मां लक्ष्मी को अर्पित करने के लिए खील, बताशे और मिठाई भी पूजा की सामग्री में शामिल करें।
दिवाली पर कैसे करें लक्ष्मी-गणेश की पूजा?
दिवाली की पूजा से पहले घर और पूजा स्थल की अच्छी तरह सफाई कर लें। इसके बाद दीपक और रंग-बिरंगी लाइटों से घर सजाएं। फिर विधिवत लक्ष्मी और गणेश की विधिवत पूजा करें।
1. पूजा के लिए एक चौकी तैयार करें और उस पर साफ कपड़ा बिछाएं।
2. चौकी पर मां लक्ष्मी, भगवान गणेश और कुबेर देव की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
3. भगवान के सामने घी या तेल का दीपक जलाएं. इसके बाद भगवान गणेश का ध्यान करके पूजा शुरू करें।
4. पूजा में रोली, अक्षत, फूल, फल, धूप, दीप और मिठाई अर्पित करें।
5. इसके बाद भगवान गणेश और मां लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। इस दौरान मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप भी कर सकते हैं।
6. आखिर में सभी देवी-देवताओं की आरती करें।
7. पूजा पूरी होने पर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आर्थिक उन्नति की कामना करें।




