( ज्ञान प्रकाश पाण्डेय )
हरिद्वार। आज से सावन की शुरुआत हो गई है और कांवड़ यात्रा भी अपने चरम पर है। उत्तराखण्ड सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश की धरती केसरिया रंग में सराबोर हो गई है। कांधे पर कावड़ है और जुबान पर हर-हर महादेव का जयकारा है। गाजियाबाद से लेकर मोदीनगर, मेरठ, मुजफ्फनगर, बुलंदशहर, सहारनपुर, हरिद्वार, ऋषिकेश और पूरे उत्तराखंड में कांवड़ मार्ग पर यही नजारा देखने को मिल रहा है।
वही कांवड़ियों का कहना है कि उत्तर प्रदेश सहित उत्तराखण्ड की सरकार ने बहुत अच्छे प्रबंध किए हैं वह बार दोनों ही मुख्यमंत्रीयो का धन्यवाद देते हुए नज़र आये। केवल यही नहीं समूचे उत्तराखण्ड सहित यूपी में कांवड़िए और बोल बम के नारों के साथ लोग शिवालयों तक जाते दिख रहे हैं। वाराणसी और दूसरी जगहों पर भी सुबह से ही शिव मंदिरों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। अनुमान है कि इस बार 2 करोड़ से ज्यादा कांवडि़ए जल लेने के लिए हरिद्वार और दूसरी जगहों पर आएंगे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी सुबह काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा के दर्शन और पूजा अर्चना की। आप भी देखिए सावन और कांवड़ के रंग।

महादेव की भक्ति में डूबी धर्मनगरी हरिद्वार
धर्मनगरी हरिद्वार आज महादेव की भक्ति में डूबी है। आज से कांवड़ यात्रा शुरू हो गई है। हरिद्वार में अभेद्य सुरक्षा घेरे में शिवभक्त रहेंगे। चप्पे-चप्पे पर 6000 जवान तैनात हैं। गंगा जल को भगवान भोलेनाथ का प्रसाद मानकर श्रद्धालु अपने-अपने शिवालयों तक पहुंचाने के लिए कठिन यात्रा पर निकल पड़े।

हरिद्वार में कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर रहेगी नजर- एसएसपी हरिद्वार

एसएसपी हरिद्वार नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पूरे मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। कांवड़ पटरी मार्ग, राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रमुख घाटों, मंदिरों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस के साथ अर्द्धसैनिक बल के करीब 6000 जवान तैनात किए गए हैं। यात्रा मार्गों पर लगातार पुलिस गश्त रहेगी, जबकि ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और कंट्रोल रूम के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी।
हरिद्वार उत्तराखंड पुलिस का कांवड़ मेला-2026 का यातायात प्लान हुआ जारी
*आमजन से हरिद्वार पुलिस की अपील कावड़ मेला के दौरान यातायात प्लान देखकर ही निकले घर / शहर से
वर्ष 2026 में श्रावण मास दिनांक 28.07.2026 से प्रारम्भ हो रहा है जिनमें 04 सोमवार (प्रथम 03.08.2026, द्वितीय 10.08.2026, तृतीय 17.08.2026, चतुर्थ सोमवार 24.08.2026) एवं *श्रावण शिवरात्री मुख्य पर्व* *11.08.2026 को मनाया जायेगा। जिसके दृष्टिगत जनपद में निम्नानुसार रूट डायवर्जन रहेगा।
*यातायात योजना काँवड मेला-2026 सामान्य दिनों में हरिद्वार आने-वाले वाहनों के मार्ग का विवरण-
• दिल्ली/ मेरठ/ मुजफ्फरनगर/ मंगलौर/हरिद्वार
• हरियाणा/ पंजाब/ हिमाचल प्रदेश/ सहारनपुर/ मडावर/ सालियर चौक/बढेडी राजपुतान/हरिद्वार
• दिल्ली एक्सप्रेस वे/मण्डावर/सालियर चौक/बढ़ेड़ी राजपुतान/ हरिद्वार
• देहरादून, ऋषिकेश से नेपाली तिराहा, रायवाला/हरिद्वार
• नैनीताल/नजीबाबाद/श्यामपुर/हरिद्वार
*यातायात योजना काँवड मेला-2026 हरिद्वार आने वाले कांवड वाहनों के मार्ग का विवरण-

* सहारनपुर की ओर से हरिद्वार आने वाले कांवड़ वाहन मण्डावर से अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर, एस0एम0 तिराहा से बैरागी कैम्प पार्किंग मे पार्क कराये जायेंगे।
• यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर- दिल्ली, मेरठ एवं मु0नगर से हरिद्वार आने वाले कांवड़ वाहन – रामपुर तिराहा से कोलकी टोल प्लाजा, बड़कलां, मण्डावर, सालियर चौक, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर, एस0एम0 तिराहा से बैरागी कैम्प पार्किंग जायेंगे।
नोटः- दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे कांवड वाहनों के लिए पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा ।
• यमुनानगर-सहारनपुर से हरिद्वार आने वाले कांवड़ वाहन – मण्डावर से सालियर चौक से अब्दुल कलाम चौक, नगला इमरती, लक्सर, एस0एम0 तिराहा से बैरागी कैम्प पार्किंग पार्क कराये जायेंगे।
• बैरागी कैम्प पार्किंग में पार्क किये गये सभी प्रकार के कांवड़ वाहनों की निकासी शमशान घाट पुल से श्रीयंत्र पुल, बुढी माता तिराहे, देशरक्षक, सिंहद्वार से NH 334 होते हुए जायेंगे।
• मुरादाबाद, बिजनौर, नजीबाबाद की ओर से हरिद्वार आने वाले कांवड़ वाहन चिडियापुर से गैन्डीखाता से 4.2 डायवर्जन से गौरीशकर पार्किंग एवं नीलधारा पार्किंग मे पार्क कराये जायेंगे।
• देहरादून एंव ऋषिकेश से हरिद्वार आने वाले कांवड़ वाहन नेपाली तिराहा से सप्तऋषि तिराहा, दूधाधारी फ्लाईओवर से चमगादड टापू/ लालजीवाला पार्किंग मे पार्क कराये जायेंगे।
*दिल्ली से देहरादून/ ऋषिकेश जाने वाले रोडवेज / प्राइवेट बस /अन्य वाहन*
रोडवेज बसों हेतु यातायात व्यवस्था-
• देहरादून/ऋषिकेश से हरिद्वार आने/जाने वाली सभी रोडवेज बसें नेपाली तिराहा से रायावाला, दूधाधारी तिराहा से मोतीचूर पार्किंग मे पार्क कराये जायेंगे।
• दिल्ली, पंजाब, हरियाणा से हरिद्वार आने/जाने वाली रोडवेज सभी बसें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से मण्डावर, अब्दुल कलाम चौक से ऋषिकुल मैदान तथा वापसी इसी मार्ग से होगी।
• नजीबाबाद रूट से हरिद्वार आने/जाने वाली रोडवेज सभी बसें नजीबाबाद से लाडपुर, 4.2 तिरछा पुल से नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग में पार्क करायी जायेंगी।
• देहरादून/ऋषिकेश/हरिद्वार से बिजनौर, नजीबाबाद, मुरादाबाद, नैनीताल आने/जाने वाली रोडवेज सभी बसें अपने निर्धारित रूट से ही संचालित करायी जायेंगी ।
प्राइवेट बसों हेतु यातायात व्यवस्था-
• देहरादून/ऋषिकेश से हरिद्वार आने/जाने वाली सभी प्राइवेट बसें नेपाली तिराहा से रायवाला, दूधाधारी तिराहा से मोतीचूर पार्किंग मे पार्क करायी जायेंगी।
• दिल्ली, मेरठ, मु0नगर, सहारनपुर, पंजाब, हरियाणा से हरिद्वार आने/जाने वाली प्राइवेट बसें दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे से मण्डावर, अब्दुल कलाम चौक, नगला ईमरती, लक्सर से बैरागी कैम्प पार्किंग मे पार्क करायी जायेंगी।
• नजीबाबाद रूट से हरिद्वार आने/जाने वाली प्राइवेट बसें लहाड़पुल से गैन्डीखाता से 4.2 डायवर्जन नीलधारा/गौरीशंकर पार्किंग में पार्क करायी जायेंगी।
• देहरादून/ऋषिकेश/हरिद्वार से नजीबाबाद, काशीपुर, नैनीताल जाने वाली प्राइवेट बसें लहाड़पुल से नजीबाबाद से काशीपुर से नैनीताल जायेंगी और वापसी के लिए इसी मार्ग का प्रयोग करेंगे।
नोट- दिल्ली से देहरादून एवं देहरादून से दिल्ली जाने वाली सभी बसें दिल्ली – देहरादून एक्सप्रेस वे का प्रयोग करेंगी।

*भारी वाहनों के लिये यातायात व्यवस्था*
• दिनांक 29/30-07-2026 दिनांक 11.08.2026 तक मुरादाबाद, बिजनौर, नजीबाबाद की ओर से जाने वाले भारी वाहन चिडियापुर / कांगडी पार्किंग में पार्क कराये जायेंगे ।
• दिल्ली-मेरठ की तरफ से हरिद्वार आने वाले भारी वाहन मण्डावर में पार्क कराया जायेगा ।
• दिनांक 29/30 -07-2026 से 04-08-2026 तक भारी वाहनों का समय रात्रि 12.00बजे से प्रातः 04.00 बजे तक रहेगा।
• दिनांक 05/06-08-2026 से 11/08/2026 तक भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेंगे ।
*चारधाम यात्रा मार्ग*
केदारनाथ/बद्रीनाथ जाने वाले वाहन-
• दिल्ली, मेरठ, मु0नगर से चारधाम जाने वाले वाहन आने- जाने हेतु मेरठ से गढमुक्तेश्वर, नजीबाबाद, कोटद्वार, पौडी, श्रीनगर से केदारनाथ/बद्रीनाथ जायेंगे अथवा दिल्ली एक्सप्रेस वे का प्रयोग करेंगे
• गंगोत्री/यमनोत्री जाने वाले वाहन- दिल्ली, मेरठ, मु0नगर से चारधाम जाने वाले वाहन आने- जाने हेतु दिल्ली एक्सप्रेस वे का प्रयोग करेंगे
नोटः- हिलबाईपास का प्रयोग आवश्यक सेवा (एम्बूलैन्स, फायर ब्रिगेड इत्यादि) एवं यातायात का अत्यधिक दबाव होने पर कांवड की निकासी के लिए तथा स्थानीय निजी वाहनों के लिए उपयोग में लाया जायेगा ।
• पैदल कांवड यात्रा हेतु प्लान-2026
दिल्ली-मेरठ-मुजफ्फरनगर-सहारनपुर-हरियाणा की ओर जाने वाले कांवडिये/यात्री हर की पैडी से रोडीबेलवाला रैम्प, केशव आश्रम तिराहा, ओमपुल रेगुलेटर पुल, शंकराचार्य चौक, सिंहद्वार चौक, आर्यनगर चौक, लालपुल, जटवाड़ा पुल से बहादराबाद नहर पटरी से अपने गन्तव्य को जायेंगे ।
• मुरादाबाद/नजीबाबाद की ओर जाने वाले कांवडिये/यात्री हर की पैडी से सीसीआर चौक, दीनदयाल पार्किंग अण्डर पास, आनन्द वन समाधी पार्किंग, चण्डी चौक, 4.2 तिरछा पुल नहर पटरी, रसियाबढ से नजीबाबाद/मुरादाबाद से अपने गन्तव्य को जायेंगे।
• देहरादून/ऋषिकेश की ओर जाने वाले कांवडिये/यात्री हर की पैडी, भीमगौडा, खडखडी, सूखीनदी बैरियर, दूधाधारी तिराहे से राष्ट्रीय राजमार्ग 34 से जायेंगे ।

मेरठ कंकरखेड़ा शिविर में कांवडि़यों को 5 स्टार वाला खाना
कांवड़ यात्रा में एक से बढ़कर एक शिविर आपका ध्यान बरबस ही अपनी ओर आकर्षित कर लेंगे। इन शिविरों में कांवड़ियों को बिल्कुल पाइव स्टार होटल की तर्ज़ पर भोजन कराया जा रहा है। स्नैक्स से लेकर पिज्जा..नूडल से लेकर मंचूरियन तक यहां मीनू में रखा गया है। लंच का मीनू अलग रात्रि के भोजन का मीनू अलग और नाश्ते का मीनू अलग है। चौबीस घंटे में कांवड़िए जब भी आएंगे उन्हें भोजन कराया जाएगा। बाकायदा रोटी सेंकने के लिए मशीनें लगाई गई हैं । शिविर संचालक का कहना है कि इसके लिए कोई बजट नहीं है.. बल्कि सब महादेव की कृपा से होता है…जिस शिविर में कांवड़िए रुकते हैं उसे बिल्कुल उसी क्वालिटी का बनाया जा रहा है मानों वो कोई रैली स्थल हो। जर्मन हैंगर तकनीक वाला पंडाल लगाया जाता है। मेरठ के कंकरखेड़ा में एक हाईटेक शिविर ऐसा ही है। यहां के संचालक नीरज मित्तल का कहना है वो बीते अट्ठाईस वर्षों से कांवड़ शिविर लगाते आ रहे हैं। अनुमान लगाया जाता है कि इस शिविर में जैसी व्यवस्थाएं की जाती है उसका बजट लाखों नहीं करोड़ तक पहुंच जाता है।
मेरठ कांवड़ यात्रा ट्रैफिक व्यवस्था बदलने जा रही, जानें पूरा प्लान
कांवड़ यात्रा को लेकर मेरठ में ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह बदलने जा रही है। कांवड़ मार्गों पर मध्यरात्रि से भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया है, जबकि चार अगस्त की रात 12 बजे से एनएच-58, चौधरी चरण सिंह कांवड़ मार्ग, गंग नहर पटरी मार्ग और शहर के प्रमुख मार्गों पर हल्के व मध्यम वाहनों का भी चरणबद्ध डायवर्जन लागू होगा। कांवड़ियों की संख्या के अनुसार यातायात संचालन किया जाएगा और जरूरत पड़ने पर मार्गों को पूरी तरह बंद भी किया जा सकेगा। मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुरक्षित और निर्बाध बनाने के लिए मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और आसपास के जिलों के साथ समन्वय कर विस्तृत ट्रैफिक प्लान तैयार किया गया है। दिल्ली और गाजियाबाद की ओर से आने वाले भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से बिजनौर और अन्य जनपदों की ओर भेजा जाएगा. चार अगस्त से एनएच-58 पर टू-वे ट्रैफिक केवल एक लेन तक सीमित रहेगा, जबकि दूसरी लेन हरिद्वार से लौटने वाले कांवड़ियों के लिए आरक्षित रहेगी। शहर के प्रमुख चौराहों और कांवड़ मार्गों पर बैरिकेडिंग, वन-वे व्यवस्था और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे और एनएच-9 से आने-जाने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग डायवर्जन रूट निर्धारित किए गए हैं। मेरठ से शामली, बिजनौर, सहारनपुर और उत्तराखंड जाने वाले वाहनों को भी वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा।
कांवड़ यात्रा के दौरान आमजन की सुविधा के लिए केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर, सिटी कंट्रोल रूम, देहात कंट्रोल रूम और ट्रैफिक कंट्रोल रूम के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। इसमें केंद्रीय कमांड एवं कंट्रोल सेंटर हेल्पलाइन नंबर 01212667080 जारी किया गया है। कांवड़ यात्रा के लिए प्रमुख मार्गों पर पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगा दी गई है। इसमें प्रत्येक थाने से पुलिसकर्मियों की टीम बनाई गई है। यह अपने थाना क्षेत्र में कांवड़ के प्रवेश में मार्गों पर भ्रमण करेगे । इसमें कई जगह महिला पुलिसकर्मियों को भी लगाया गया है। इसके लिए निर्देश दिए गए है कि यात्रा के दौरान कांवड़ियों जैसी टी-शर्ट के साथ गंगा जल लेकर चलें। इन टीमों को अपने-अपने थाना क्षेत्रों के कांवड़ मार्गों, प्रमुख शिविरों, विश्राम स्थलों पर लगातार नजर रखनी होगी।



